खुशी पर अनमोल विचार
पल पल बदलते पल और घड़ी की सुई यह संकेत देती है कि दिन बदलते हैं , दिन ,महीने , साल, बदल जाते हैं इन्हीं के साथ- साथ हमारा जीवन जुड़ा होता है , बचपन से जवानी और जवानी से बुढ़ापा , जीवन का क्रम इसी तरह चलता रहता है । …

पल पल बदलते पल और घड़ी की सुई यह संकेत देती है कि दिन बदलते हैं , दिन ,महीने , साल, बदल जाते हैं इन्हीं के साथ- साथ हमारा जीवन जुड़ा होता है , बचपन से जवानी और जवानी से बुढ़ापा , जीवन का क्रम इसी तरह चलता रहता है । …

व्यक्ति छोटी से छोटी असफलता से अवसाद ग्रस्त हो जाता है, सूक्ष्म से सूक्ष्म घटनाएं उसे विचलित कर जाती हैं और वह स्वयं को एक निर्बलता का आकार देने लगता है , कुछ लोग बोलते हैं कि बुरा समय , कठिन वक्त है तो बड़ी निराशा और उदासी सी घेर लेती है लगता है क्या …

अक्सर यह माना जाता है कि शादी के बाद महिलाओं का कैरियर समाप्त हो जाता है क्योंकि घर और बच्चों से उसे फुर्सत ही नहीं मिलती कि वह अपने सपनों को पूरा करने के बारे में सोचें , लेकिन अगर मन में कोई कला अंगड़ाई ले रही हो और हाथ का कोई हुनर कल्पनाओं को…
जिसके पास जो गुण हैं , हुनर है , उसे सीखने की कोशिश करने में कोई संकोच या शर्म नहीं होनी चाहिए यदि मन में हीन भावना आते दिखे तो ऐसे में अपने भीतर की उमंग , उत्साह को कम ना होने दें , मन में उदासी को बिल्कुल जगह ना दें क्योंकि आपके पास …
कई बार जीवन में कुछ ना पाने वाला भी खुश रहता है दूसरी ओर सफल से सफल व्यक्तियों को भी जीवन से शिकायत रहती है कि उन्हें जो मिला है उससे वे और अधिक पाने के हकदार थे। …
सफलता का मतलब है -. जीतना | सफलता – उपलब्धि ,मनुष्य के जीवन का लक्ष्य है । हर इंसान सफलता चाहता है , हर व्यक्ति चाहता है कि उसे जिंदगी का हर सुख मिले , अगर आप सफल होना चाहते हैं तो व्यक्तिगत रूप से वास्तविक रहें और अपने पैर धरती पर रखें । सफल जीवन …
सकारात्मकता कैसी भी हो पर वह अपना प्रभाव अवश्य छोड़ती है, यह एक ऐसा प्रकाश है जिसे दिन में भी महसूस किया जा सकता है जीवन के प्रति अपनी दृष्टि सकारात्मक रखने वाले जहां भी जाते हैं वहां अपनी छाप छोड़ देते हैं ऐसे लोग अपने साथ ऊर्जा का एक प्रकाश पुंज लेकर चलते हैं …
महामारी के इस कठिन समय में कई लोगों का मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है , कोरोना की दूसरी लहर में इंसान एक बार फिर घर की चारदीवारी में कैद होने पर मजबूर है कहीं यह बीमारी उसे या उसके परिवार को न लग जाए और अगर वह बीमार पड़ जाए तो इलाज कैसे और कहां …
संवेदना यानी कि किसी की वेदना उसी की तरह अनुभव करने वाली भावना , यह भावना रखने वाला व्यक्ति संवेदनशील माना जाता है । दयालुता व संवेदना संबंधों को मजबूती से जोड़े रखने का काम करती हैं ,शोध बताते हैं कि किसी भी संबंध में दयालुता व भावनात्मक स्थिरता ही टिकाऊ और संतुष्टि की गारंटी …
रिश्ते , अगर इसमें हम एक दूसरे की भावनाओं को अहमियत नहीं देंगे तो रिश्ते की नींव डगमगा जाएगी | प्रेम की इस आनंदित दुनिया में एक दूसरे के प्रति समर्पण ही उनके विश्वास को मजबूत बनाता है लेकिन क्या यह बातें मौजूदा वक्त के संबंधों की व्याख्या करता है शायद नहीं , इसलिए नहीं …