Similar Posts
जीवन धन – संवेदना व सकारात्मकता
संवेदना यानी कि किसी की वेदना उसी की तरह अनुभव करने वाली भावना , यह भावना रखने वाला व्यक्ति संवेदनशील माना जाता है । दयालुता व संवेदना संबंधों को मजबूती से जोड़े रखने का काम करती हैं ,शोध बताते हैं कि किसी भी संबंध में दयालुता व भावनात्मक स्थिरता ही टिकाऊ और संतुष्टि की गारंटी …
जीवन से हारे नहीं जीवन सवारे
अगर आपके पड़ोसी के घर में चोरी हो रही है और आप आराम से सो रहे हैं तो याद रखिए अगला नंबर आपका है | जाने-माने मोटीवेटर शिव खेड़ा जी के शब्द इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि वर्तमान समाज में दो घरों के बीच इतनी गहरी खाई है जितना पहले दो देशों…

खुशी पर अनमोल विचार
पल पल बदलते पल और घड़ी की सुई यह संकेत देती है कि दिन बदलते हैं , दिन ,महीने , साल, बदल जाते हैं इन्हीं के साथ- साथ हमारा जीवन जुड़ा होता है , बचपन से जवानी और जवानी से बुढ़ापा , जीवन का क्रम इसी तरह चलता रहता है । …
जिज्ञासा ही असली ताकत
जिज्ञासा ही असली ताकत* जिज्ञासा एक छोटा सा शब्द है, पर इसके अंदर दुनिया बदल देने की ताकत छुपी है । पैसा, ताकत, डिग्री सब जरूरी हैं, लेकिन अगर मन में सवाल पूछने की आग बुझ जाए तो इंसान आगे नहीं बढ़ता । जिज्ञासा वही चिंगारी है जो हमें “क्यों” और “कैसे” पूछने पर मजबूर …
हम किसी से कम नहीं
अगर मन में कुछ अलग करने का जज्बा हो तो आप किसी भी हालात में कामयाब होंगे , कहते हैं सफलता न सूरत देखती है ना हैसियत सफलता सिर्फ काबिलियत देखती है | आज की युवा पीढ़ी अपनी शिक्षा व सोच की बदौलत नए – नए पड़ाव पार कर रही है और स्त्री सशक्तिकरण की …
जीवन में संतुलन जरूरी
वक्त के साथ सब कुछ बदलता रहता है जैसे हमारा खान- पान ,दिनचर्या ,वर्क स्टाइल , इसलिए समझदारी इसी में है कि हम उसे मैनेज करना सीखे, फिर चाहे वह अनिद्रा, तनाव ,मोटापा, प्रदूषण आदि की ही समस्या क्यों ना हो । …
हमारे जीवन में