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जिंदगी 2020 सबक देने वाला साल
कोरोना महामारी ने मानवता पर जो चोट की है उसमें विश्व के तमाम देशों ने एक साथ दर्द सहा और उन्हें समान अनुभव से गुजरना पड़ा । 2020 ने हमें कई सबक दिए , सबक एक ऐसा शब्द है जिससे सीखने की आदत डाल ली जाए तो तमाम कठिनाइयों वह विफलताओं को हराकर जीवन में …
जिएं जिंदगी 60 के बाद भी
बढ़ती उम्र के असर को रोकना असंभव है , बढ़ती उम्र किसी पर बोझ या अभिशाप नहीं होती । जीवन की जैसे और अवस्थाएं हैं वैसे ही वृद्धा अवस्था भी है किसी भी दृष्टिकोण या कायदे कानून से वृद्ध व्यक्ति कमजोर असहाय नहीं हो जाता, ना ही आत्मनिर्भरता छोड़ किसी के कंधे का सहारा लेना …
महिलाओं की कुछ फाइनेंसियल गलतियां
महिलाओं को घर के फाइनेंस के बारे में स्मार्ट समझा जाता है लेकिन फाइनेंस से संबंधित ऐसी कई बातें हैं जहां जाने अनजाने में वह लापरवाही कर जाती हैं । …
रिश्तो की मजबूती का मनोविज्ञान
हर रिश्ते की बुनियाद सच्चाई , प्यार, विश्वास, आपसी सामंजस्य होता है । ईमानदारी बहुमूल्य है जो कि मजबूत , खुश और ताउम्र टिकने वाले रिश्ते के आधार हैं , याद रखें झूठ ज्यादा समय तक नहीं चल पाता और एक न एक दिन खुद ब खुद सामने आ जाता है । …
बच्चों के अंकों पर नहीं , विकास पर हो जोर
माता- पिता बच्चों के भविष्य को संवारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ऐसे में सही मार्गदर्शन और समझ और सहयोग से आप बच्चों को असफलता से सीख कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें क्योंकि अक्सर बच्चों के नंबर कम आने पर परिवार और रिश्तेदारों में तरह- तरह के सवाल उठने लगते हैं लेकिन…
सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन
भारत में 60 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा प्राप्त है | इस उम्र के व्यक्ति को बहुत ही सम्मान की नजर से देखा जाता है लेकिन आए दिन यह देखने में आ रहा है कि बुजुर्ग या तो दयनीय हालत में जीवन गुजार रहे हैं या अपने परिवार से …

चरित्र निर्माण के लिए हमें अपने आंतरिक गुणों पर ध्यान केंद्रित करना होगा , जैसे कि सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, और सहानुभूति । हमें अपने बच्चों को भी इन मूल्यों को सिखाने की आवश्यकता है, ताकि वे भौतिकता के झुंड में खो न जाएं ।