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घर या मकान का वजूद
आखिर इंसान घर क्यों बनाता है अपनी व परिवार की सुरक्षा , मजबूत स्थिति , साथ और ठहराव के लिए ही वरना कईयों की तो पूरी जिंदगी बीत जाती है अपना एक घर बनाने में लेकिन घर की भी एक खूबसूरत परिभाषा होती है पहचान होती है जिससे वह घर कहलाता है वह है प्यार…
विकास के लिए दायरे भी जरूरी !
विकास की यात्रा में , हम अक्सर अपने लक्ष्यों और सपनों को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं कि दायरे भी हमारे विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ? दायरे हमें संरचना , दिशा, और प्रेरणा प्रदान करते हैं, जो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में …
जिएं जिंदगी 60 के बाद भी
बढ़ती उम्र के असर को रोकना असंभव है , बढ़ती उम्र किसी पर बोझ या अभिशाप नहीं होती । जीवन की जैसे और अवस्थाएं हैं वैसे ही वृद्धा अवस्था भी है किसी भी दृष्टिकोण या कायदे कानून से वृद्ध व्यक्ति कमजोर असहाय नहीं हो जाता, ना ही आत्मनिर्भरता छोड़ किसी के कंधे का सहारा लेना …
अच्छाई के बिना जिंदगी मुखर नहीं हो सकती
हम अक्सर अच्छाई और जिंदगी के संबंधों को लेकर कुछ इस तरह सोचने के आदी हो गए हैं कि अच्छाई जिंदगी से कोई अलग चीज है और उसे जिंदगी तक लाने में अच्छी – खासी मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन गौर से देखें तो ऐसा नहीं है, जिंदगी से बाहर अच्छाई की कोई …
भारतीय संस्कृति और समाज
संस्कृति व सभ्यता , मनुष्य को अन्य मनुष्यों से व समूहों को अन्य समूहों से अलग करती है , संस्कृति वह जटिल संपूर्णता है जिसमें विश्वास , कला , आचार , कानून और सभी आदतों का समूह है , कोई देश जब अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उन्मुक्त होने लगता है तो भले ही बाहर से …
मल्टीटास्किंग – कितना सही कितना गलत
मल्टी टास्किंग महिलाओं का खास गुण माना जाता है लेकिन एक साथ बहुत सारे काम करने से कई बार उनका स्वास्थ्य , पर्सनल लाइफ , सोशल लाइफ पर बुरा असर पड़ने लगता है । मल्टी टास्किंग के कारण आपके काम पर क्या प्रभाव पड़ता है जाने – …
वर्तमान समय में हर बीतते दिन के साथ पूरी दुनिया में पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है इसका कारण भी हम सभी हैं इसलिए इसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हम सभी को मिलकर उठानी होगी । 
