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मौसमी भावनात्मक विकार
मौसम बदलते हैं और आपके मूड का रंग भी । सर्दी के मौसम में तो आपका मिजाज कुछ बदला बदला सा रहता है , मौसम के बदलाव के साथ मूड का बदलना आपके हाथ में नहीं होता । मूड …

किटी पार्टी
किटी शब्द सुनते ही दिमाग में 10 – 15 महिलाओं का एक ऐसा समूह अपनी छवि बनाता है जो प्रति माह किसी एक जगह पर इकट्ठा होकर खाता – पीता और मनोरंजन करता है । …

नया साल – उम्मीदों का आकाश
नए साल पर लोग संकल्प लेते हैं , संकल्प लेने के पीछे कुछ बेहतर करने या सुधार करने या आगे बढ़ाने की सोच छिपी होती है गुजरे हुए साल और हमारे द्वारा लिए और गए पुराने संकल्प सब की परछाई हमारे भीतर होती है , नए साल का एक बार फिर से आना इसमे सभी …
परिवर्तन जीवन का अपरिहार्य नियम है
बदलाव के साथ चल कर ही हम खुद को मजबूती दे सकते हैं बदलते हालात और जरूरतों के अनुसार ना बदलने वाला इंसान ठहरे हुए पानी के समान हो जाता है । …
कावड़ यात्रा – आस्था और भक्ति
कावड़ यात्रा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पहले थी , समाज में फैली बुराइयों के विष को दूर कर पॉजिटिव सोच पैदा करने का प्रतीक है यह कावड़ यात्रा । …
सावन – ” शिव ” शब्द का अर्थ व महात्मय
आज 14 जुलाई से रंग रंगीला सावन शुरू हो रहा है सावन में प्रकृति हरियाली के कई शेड्स दिखाती है इस बार सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त को खत्म होगा हिंदू धर्म व मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव का प्रिय महीना है । …
आज हम जाने अनजाने अपनी कर्तव्य और भूमिकाओं के निर्वाह में कहीं ना कहीं असफल हुए हैं , स्त्री हो या पुरुष उसने अपने स्वार्थ को केंद्र में रखकर व्यवस्थाओं को संभाला है , आज जो भी वातावरण है उसके जनक हम खुद ही हैं । हमारे मन में चलने वाली विचारों ने हमे ऐसी स्थितियों मे खड़ा कर दिया है । आसपास किसी भी आयु , लिंग या वर्णन के लोग हो उदंडनता और व्यभिचार करने से बाज नहीं आते , ऐसा नहीं की कोई एक ऐसा अपराध के लिए दोषी है , बल्कि जो भी अपराध करता है उसके संगी , साथी दूसरे लिंग और आयु के लोग ही होते हैं , जो कभी अपराधी के सहायक या सहयोगी बनते हैं तो कभी अपराधिक हरकतों पर पर्दा डालते हैं ।