वर्किंग वुमन – किस मोड़ पर खड़ी हैं आप

आम  जनता  की  यह  धारणा  होती  है  कि  जब  कोई  महिला  घर  से  बाहर  निकलती  है  नौकरी  करती  है  पैसा  कमाती  है  तो  वह  महिला  सशक्त  हो  जाती  है  पर  क्या  कभी  आपने  वर्किंग  वुमन  के  बारे  में  या  शादीशुदा  कामकाजी  महिला  के  बारे  में  सोचा  है  कि  उन्हें  किन  किन  चुनौतियों  का  सामना  करना…

शिक्षक बनने की चाह – तो ऐसे मिलेगी राह

  भारतीय  समाज  में  शिक्षक  का  स्थान  श्रेष्ठ  माना  गया  है  कबीर  ने  तो  इसे  ईश्वर  से  भी  अधिक  सम्माननीय  बताया  है  इसके  पीछे  जो  कारण  नजर  आता  है  वह  शिक्षक  का  समाज  और  देश  के  प्रति  कर्तव्य  के  लिए  उसका  समर्पण  और  त्याग  है। शिक्षक  समाज  को  नई  दिशा  देता  है  और  लोगों  को …

जीवन से हारे नहीं जीवन सवारे

 अगर आपके पड़ोसी के घर में चोरी हो रही है और आप आराम से सो रहे हैं तो याद रखिए अगला नंबर आपका है | जाने-माने मोटीवेटर शिव खेड़ा जी के शब्द इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि वर्तमान समाज में दो घरों के बीच इतनी गहरी खाई है जितना पहले दो देशों…

नवरात्र – शक्ति की पूजा का पर्व

नवरात्रि  शक्ति  की  पूजा  का  समय  है , शक्ति   किसी  चीज के  स्वरूप  को  स्थिर  रखती  है  बिना  शक्ति  के  कोई  भी  वस्तु  क्षण  भर  भी  टिक  नहीं  सकती । किसी  भी  साधना  के  लिए  शक्ति  का  होना  जरूरी  है  और  नवरात्र  शक्ति  की  साधना  का  पर्व  है । विषुवत  काल   के  शुक्ल  पक्ष  में …

हुनर से बनाए जिंदगी की राह आसान

 जिंदगी  के  एक  पड़ाव  पर  आकर  जैसे  जिंदगी  थम  सी  जाती  है | बच्चे  अपना  करियर  बनाने  में  रम  जाते  हैं  और  पति  अपने  व्यवसाय  में |  इस  उम्र  में  आकर  महिलाएं  जिंदगी  में  सूनापन  और  खालीपन  महसूस करने  लगती  हैं  और  कुछ  तो  रोजमर्रा  के  काम  में  बंध  कर  बोर  होने  लगती  हैं ।…

अंधविश्वास – स्वयं परखे फिर विश्वास करें

 प्रकृति  के  रहस्य  मनुष्य  के  लिए  हमेशा  से , अनसुलझे  रहस्य  को  जानना  समझना  चाहते  हैं  लेकिन  विज्ञान की  इतनी  प्रगति  के  बावजूद  यह  आसान  नहीं  है । मनुष्य  के  समझ  से  परे  कई  पारलौकिक  बातें  सामने आ  जाती  हैं  इन्हीं  के  किस्से  कहानियां  बनाकर  लोगों  की  समस्याओं  को  दूर  करने  उनकी  मनोकामना  को पूरा …

आत्मविश्वास के पंख फैलाए – खुलेगा आसमान

हमारे  परिवार  समाज  आस- पड़ोस  में  आए  दिन  लड़कियों  के  प्रति  घट  रही  भेदभाव  की  घटनाएं  झकझोर  देती  हैं  और  मजबूर  करती  हैं  यह  सोचने  के  लिए  कि  क्या  हम  वाकई  21 वीं  सदी  की  ओर  जा  रहे  हैं ।  विद्या  से  परिपूर्ण  होकर  जब  महिलाएं  आंखें  खोलेंगी  तब  अनुभव  करेंगी  सत्य ,  कि  आत्मविश्वास …

स्मार्टफोन और हम

आज  स्मार्टफोन  स्टेटस  सिंबल  बन  चुका  है  स्कूल  जाने  वाले  बच्चों  से  लेकर  70  वर्ष  की  आयु  के  व्यक्ति  के  पास  इसे  देखा  जा  सकता  है  लेकिन  बिना  इंटरनेट  के  स्मार्टफोन  बिल्कुल  उस  भोजन  की  तरह  है  जिसमें  नमक  नहीं  होता  इसलिए  इस  स्मार्टफोन  में  हमेशा  इंटरनेट  पैक  एक्टिव  रहता  है ।       …

सेना में महिला शक्ति – संघर्ष की जीत

सेना  के  10  विभागों  में  महिलाओं  के  स्थाई  कमीशन  के  आदेश  जारी  होने  के  साथ  ही  बेटियों  ने  हक और  समानता  की  एक  बड़ी  जंग  जीत  ली  है। देश  की  सर्वोच्च  अदालत  ने  महिलाओं  के  स्थाई  कमीशन  के  पक्ष  में  फैसला  2011  में  ही  सुना  दिया  था  पर  सरकारें  उनके  कमजोर  होने  की  दलीलें  देती …

जागो – मदर इंडिया

 आपकी  अपने  बेटों  से  कितनी  बात  होती  है ?  बातचीत  के  विषय  क्या  होते  हैं  ? क्या  बातों  में  सिर्फ  यही  होता  है  कि  बेटा  तुम  ठीक  से  खाओ –  पियो , अपनी  पढ़ाई  पर ध्यान  दो  ,दोस्तों  को  लेकर  उलाहना  और  घर  जल्दी  लौट  आने  की  हिदायतें  । कितनी  माएं  अपने  बेटों  से  सामाजिक …