जिज्ञासा ही असली ताकत

जिज्ञासा ही असली ताकत*

जिज्ञासा  एक  छोटा  सा  शब्द  है,  पर  इसके  अंदर  दुनिया  बदल  देने  की  ताकत  छुपी  है ।  पैसा,  ताकत, डिग्री  सब  जरूरी  हैं,  लेकिन  अगर  मन  में  सवाल  पूछने की  आग  बुझ  जाए  तो  इंसान  आगे  नहीं  बढ़ता । जिज्ञासा  वही  चिंगारी  है  जो  हमें  “क्यों”  और  “कैसे” पूछने  पर  मजबूर  करती  है ।
बचपन  में  हर  बच्चा  जिज्ञासु  होता  है ।  वह  बार- बार पूछता  है,  यह  क्या  है,  वह  क्यों  होता  है,  आसमान नीला  क्यों  है ।  धीरे- धीरे  बड़े  होकर  हम  जवाब  मिलने के  डर  से,  या ” लोग  क्या  सोचेंगे”  के  डर  से  सवाल पूछना  बंद  कर  देते  हैं ।  यहीं  से  हमारी  सीखने  की रफ्तार  धीमी  पड़  जाती  है ।
* जिज्ञासा  और  खोज *
न्यूटन  सेब  गिरते  देख  कर  रुक  नहीं  गया ।  उसने  पूछा,  नीचे  ही  क्यों  गिरा ।  वही  सवाल  गुरुत्वाकर्षण बना ।  एडिसन  ने  सैकड़ों  बार  फेल  होने  के  बाद  भी पूछा , बल्ब  और  बेहतर  कैसे  जलेगा ।  क्यूरि  दंपति  ने पूछा,  इस  पत्थर  में  ऐसी  कौन  सी  रोशनी  है।   हर  बड़ी खोज  की  जड़  में  एक  मासूम  सा  सवाल  था ।  जिज्ञासा  ने  ही  इंसान  को  गुफा  से  निकालकर  चांद तक  पहुंचाया ।
* जिज्ञासा  और  सीखना *
जो  लोग  जिज्ञासु  रहते  हैं,  उनके  लिए  हर  असफलता क्लास  बन  जाती  है ।  वे  हार  को  अंत  नहीं  मानते, बल्कि  पूछते  हैं , इसमें  गलती  कहां  हुई,  अगली  बार क्या  अलग  करूं ।  किताबें,  कोर्स,  यूट्यूब  सब  तभी काम  आते  हैं  जब  अंदर  से  जानने  की  भूख  हो ।  बिना  जिज्ञासा  के  डिग्री  सिर्फ  कागज  रह  जाती  है ।
* जिज्ञासा  और  रिश्ते *
रिश्तों  में  भी  यही  नियम  है ।  जब  हम  सामने  वाले  से पूछते  हैं , तुम  ठीक  हो , तुम्हारे  मन  में  क्या  चल  रहा  है,  तो  दूरियां  घटती  हैं ।  जिज्ञासा  अहंकार  को  पिघला देती  है । यह  हमें  सुनने  वाला  बनाती  है,  सिर्फ  बोलने वाला  नहीं ।
* जिज्ञासा  को  जिंदा  कैसे  रखें *
1. * हर  दिन  एक  नया  सवाल *:  फोन  उठाने  से  पहले खुद  से  पूछें,  आज  मैं  क्या  नया  सीखूंगा ।
2. *” मुझे  सब  आता  है”  वाला  भाव  छोड़ें *:  विनम्रता से  सीखने  की  जगह  खुलती  है ।
3. गलत  साबित  होने  से  न  डरें *:  सवाल  पूछने  वाला ही  आगे  जाकर  जवाब  बनता  है ।
4. *बच्चों  जैसे  बने  रहें *:  हैरान  होना , अचंभित  होना बंद  न  करें ।
दुनिया  तेजी  से  बदल  रही  है ।  आज  जो  स्किल  काम आ  रही  है , कल  पुरानी  हो  जाएगी ।  ऐसे  समय  में  डिग्री  या  अनुभव  से  ज्यादा  जरूरी  है  सीखते  रहने  की आदत ।  और  वह  आदत  सिर्फ  जिज्ञासा  से  आती  है ।
अंत  में  यही  कहा  जा  सकता  है , ताकत  बंदूक  में  नहीं, बैंक  बैलेंस  में  नहीं , पद  में  नहीं ।  असली  ताकत  उस मन  में  है  जो  हर  सुबह  उठकर  कहता  है,  मुझे  और जानना  है ।
क्योंकि  जब  तक  सवाल  जिंदा  हैं ,  तरक्की  जिंदा  है । और  जब  तक  तरक्की  जिंदा  है,  इंसान  जिंदा  है ।

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   * हर समस्या का समाधान मंत्र

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