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बच्चों की सुरक्षा जरूरी – सेफ्टी टिप्स
बच्चे मासूम होतेे हैं , किसी पर भी आसानी से विश्वास कर लेते हैं वही यह भी सच है कि हिंसा और डर …
भावनात्मक रूप से कितनी फिट हैं आप
क्या आप छोटी-छोटी बातों से भी उदास हो जाती हैं छोटी सी बात पर भी आपको बहुत गुस्सा आता है और आप रोने लग जाती हैं तो इसका मतलब यह है कि आप भावनात्मक रूप से फिट नहीं है। हंसना रोना जिंदगी का एक हिस्सा है लेकिन छोटी -छोटी बातों पर रूठ जाना और रोने …
कठिन वक्त में डर को डिप्रेशन ना बनाएं
महामारी के इस कठिन समय में कई लोगों का मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है , कोरोना की दूसरी लहर में इंसान एक बार फिर घर की चारदीवारी में कैद होने पर मजबूर है कहीं यह बीमारी उसे या उसके परिवार को न लग जाए और अगर वह बीमार पड़ जाए तो इलाज कैसे और कहां …
अपनी खूबियों पर भी नजर डालें
जिसके पास जो गुण हैं , हुनर है , उसे सीखने की कोशिश करने में कोई संकोच या शर्म नहीं होनी चाहिए यदि मन में हीन भावना आते दिखे तो ऐसे में अपने भीतर की उमंग , उत्साह को कम ना होने दें , मन में उदासी को बिल्कुल जगह ना दें क्योंकि आपके पास …
प्रेरणा – अपने लिए जिए तो क्या जिए !
हम सबके लिए बढ़ती उम्र एक बहाना होती है आराम करने या फिर सुख -सुविधाओं का उपभोग करने का , लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी भी है जो अपनी जीवन संध्या में भी अपने देश और समाज को कुछ देने का मकसद ही उनका जुनून है । इन महिलाओं के लिए बढ़ती उम्र समाज के लिए …
व्यस्त रहें , खुश रहें
प्रत्येक महिला के जीवन में 40 से 50 वर्ष की उम्र तक एक ऐसा पड़ाव आ जाता है जब उसके बच्चे नौकरी या शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर से दूर चले जाते हैं । कामकाजी महिलाओं की जीवन शैली पर इससे कुछ अधिक फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनकी व्यस्तता तो जस की तस ही …
हमारे जीवन में