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रिश्तो की डोर
जिंदगी के खट्टे मीठे पलों में संतुलन बनाना व प्यार से अपने रिश्तो को संभालना बहुत जरूरी है | अब रिश्तो में वह पहले वाली मिठास नहीं रही सब प्रैक्टिकल हो गए हैं आजकल यह जुमला आपको अक्सर सुनने को मिल जाएगा | वैसे तो रिश्ते निभाने वालों पर निर्भर करता है जो बदलती लाइफस्टाइल …
प्रतिकूल परिस्थिति और दृढ़ इच्छाशक्ति
हम सब का जीवन कहानियों सरीखा होता है। हर कहानियों में रंग कभी फीके कभी गाढ़े कभी उदासी व उत्साह के रंग। कभी खुशी , निराशा , कुंठा। बस फर्क यह है कि कुछ लोग जिंदगी में आई मुश्किलों से टूट जाते हैं उस से हार जाते हैं और कुछ इसे चुनौती मानते हुए दिक्कतों …
व्यस्त रहें , खुश रहें
प्रत्येक महिला के जीवन में 40 से 50 वर्ष की उम्र तक एक ऐसा पड़ाव आ जाता है जब उसके बच्चे नौकरी या शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर से दूर चले जाते हैं । कामकाजी महिलाओं की जीवन शैली पर इससे कुछ अधिक फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनकी व्यस्तता तो जस की तस ही …
हुनर से बनाए जिंदगी की राह आसान
जिंदगी के एक पड़ाव पर आकर जैसे जिंदगी थम सी जाती है | बच्चे अपना करियर बनाने में रम जाते हैं और पति अपने व्यवसाय में | इस उम्र में आकर महिलाएं जिंदगी में सूनापन और खालीपन महसूस करने लगती हैं और कुछ तो रोजमर्रा के काम में बंध कर बोर होने लगती हैं ।…
रिश्तो में भावनाओं की अहमियत
रिश्ते , अगर इसमें हम एक दूसरे की भावनाओं को अहमियत नहीं देंगे तो रिश्ते की नींव डगमगा जाएगी | प्रेम की इस आनंदित दुनिया में एक दूसरे के प्रति समर्पण ही उनके विश्वास को मजबूत बनाता है लेकिन क्या यह बातें मौजूदा वक्त के संबंधों की व्याख्या करता है शायद नहीं , इसलिए नहीं …
रिश्तो में भावनाएं नहीं , हावी होता पैसा
आज पैसा नई पीढ़ी के लिए मौज मस्ती करने और सारी भौतिक चीजों को पाने का पर्याय बन गया है | एक आम धारणा बनती जा रही है कि जिसके पास जितना अधिक पैसा होगा वह उतना ही अधिक सुखी होगा क्योंकि संपन्नता को ही सुखी होने का आधार माना जाने लगा है लेकिन सवाल …
हमारे जीवन में